नई दिल्ली। समाज के वंचित वर्गों के उत्थान और खेल के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ. संजय कुमार को “भारत गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया है। उनके दशकों लंबे समर्पण, निस्वार्थ सेवा और खेल के ज़रिये हज़ारों युवाओं को सही दिशा देने के कार्यों को देखते हुए यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।
डॉ. संजय कुमार ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए अपने जीवन को समाज और खेल सेवा के लिए समर्पित किया। उन्होंने अब तक 5,000 से अधिक बच्चों को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया, जिनमें से 500–600 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचे। वॉलीबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स, बेसबॉल, मल्लखंब, बॉल बैडमिंटन सहित कई स्वदेशी खेलों में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।
उन्होंने न केवल खिलाड़ियों को तैयार किया, बल्कि नशे की गिरफ्त में फँसे युवाओं को खेल के माध्यम से अनुशासित जीवन की ओर लौटाया। आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए कम लागत वाली पोषण व्यवस्था शुरू करना, दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना और बालिकाओं को खेलों में आगे बढ़ाना उनके सामाजिक सरोकारों का प्रमाण है।
उनके इन्हीं उत्कृष्ट कार्यों, सामाजिक प्रतिबद्धता और राष्ट्रहित में दिए गए योगदान को देखते हुए इनके काम को देखकर इन्हें भारत गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और सेवा का प्रतीक है, बल्कि खेल को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाने की उनकी सोच को भी मान्यता देता है।

समाजसेवा और खेल के क्षेत्र में डॉ. संजय कुमार को भारत गौरव सम्मान