लखनऊ/खीरी। आज के युवा जहां अपने करियर को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं, वहीं कुछ ऐसे भी युवा हैं जो देश सेवा को अपना सर्वोच्च लक्ष्य मानते हैं। ऐसे ही एक प्रेरणादायक नाम हैं दीपांशु मौर्य, जिन्होंने अपनी प्रतिभा, समर्पण और देशभक्ति के जज्बे से समाज में एक अलग पहचान बनाई है।
दीपांशु एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता श्री राजकुमार वर्मा एक मेहनती किसान हैं, जो अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए दिन-रात परिश्रम करते हैं। उनकी माता श्रीमती जयमाला रानी एक समर्पित शिक्षिका हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। परिवार से मिले संस्कार, अनुशासन और मेहनत की सीख ने दीपांशु को बचपन से ही मजबूत और लक्ष्य के प्रति समर्पित बनाया है।
दीपांशु के जीवन में उनके दादा श्री देवकी नंदन प्रसाद सिन्हा का विशेष स्थान है, जो भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। उनके दादा की वीरता, अनुशासन और देशभक्ति की कहानियों ने दीपांशु के मन में देश सेवा का जज्बा जगाया। यही कारण है कि उन्होंने भारतीय सेना में शामिल होकर पैरा एसएफ कमांडो बनने का सपना देखा है।
दीपांशु न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी खुद को इस कठिन लक्ष्य के लिए तैयार कर रहे हैं। वे नियमित रूप से अपनी पढ़ाई, फिटनेस और अनुशासन पर ध्यान देते हैं। उनका मानना है कि एक सच्चा सैनिक बनने के लिए आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और देश के प्रति समर्पण अत्यंत आवश्यक है।
उनकी इसी प्रतिभा, मेहनत और देशभक्ति की भावना को देखते हुए उन्हें प्रतिष्ठित “भारत गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान न केवल उनकी उपलब्धियों का प्रमाण है, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर भी संकेत करता है।
दीपांशु मौर्य आज के युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और इरादे मजबूत हों, तो किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।


भारत गौरव सम्मान से सम्मानित दीपांशु मौर्य: देश सेवा के जज्बे से प्रेरित युवा